दीदी के साथ रात में मस्ती भरा प्यार

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम रवि हे; मैंने कहा था कि मैं नहीं करना चाहता हूं लेकिन मुझे करने को कहा गया था; यह कहानी तब की हे जब में कोलेज में था; मेरी उम्र २३ साल है; मेरी दीदी का नाम आलिया है; वह भी मेरे साथ कॉलेज में थी उसका फिगर एकदम सेक्सी था ३४-३६-३४ था.
मैं – अच्छा अब बताओ.
बहन – तो मुझसे बात क्यों नहीं करता है और घर भी नहीं आ रहा हे इतने दिनों से.
मैं – तूने ही बड़ी दीदी को सब बताया था; उन्होंने मम्मी को बता दिया; फिर मम्मी ने मुझे बहुत डांटा और तेरे घर जाने का मना कर दिया.
बहन – यार मुझे नहीं पता वह मौसी को बता देगी, मैंने बोला था तुझे समझा दे कि आगे से ऐसा न करें.
मैं – मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता हूं, किसी के समझाने से मानने वाला नहीं हू, आय लव यू.
बहन – यार तु समझता क्यों नहीं? ऐसा नहीं हो सकता है हम भाई बहन हैं.
मैं – तू मुझे मत समझा; करना है तो बोल वरना जैसा चल रहा है चलने दे.
बहन – ठीक है.
मैं – क्या ठीक है?
कुछ नहीं बोल कर बहन ने मैसेज करना बंद कर दिया; फिर मैं भी चुप बैठ गया; बहन मेरे घर आने जाने लगी; सब धीरे धीरे नोर्मल होने लगा; अब में सिर्फ बहन की गांड और बूब्स को ही देखता था.
फिर बहन ने एक दिन मैसेज किया कि तुम समझते क्यों नहीं? सेक्स नहीं कर सकते हैं बाकी जो तू चाहे जैसी बात कर सकता है; मैंने कहा बातों में क्या रखा है? करना है तो हां बोलो वरना मैसेज मत करना.
दोस्तो यह तो सभी जानते हैं कि एक बार अगर कोई लड़की किसी लड़के के फिजिकल अटैचमेंट में आ जाए तो वह उसके दिमाग से जाता नहीं है; ऐसा ही कुछ हो रहा मेरी बहन के साथ; वह उस रात की टचिंग और एव्रीथिंग जो हुआ वो भूल नहीं पा रही थी.
फिर बहन कहने लगी देख तू चाहे तो हम गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड की तरह रह सकते हैं, लेकिन प्रॉमिस कर किसी को पता नहीं चलने देगा और कभी हद पार नहीं करेगा और सबके सामने बहन जैसा ही बिहेव करेगा; मेने उसको हां कर दिया और अब हम रोजाना बात करने लगे और उसका घर पर आना जाना बढ़ गया था.
हम दिन भर एक दूसरे को देखा करते थे और सामने होते हुए भी मेसेज से बातें किया करते थे; जब भी बहन और मैं घर अकेले होते तो मैं उसको हग और किस करने की कोशिश में लगा रहता था, लेकिन कुछ बात बन नहीं पा रही थी.
अब मैंने उसको बाहर ले जाने का प्लान बनाया और उसको मूवी दिखाने रंगमहल टॉकीज ले गया; वहां मैंने उसको फर्स्ट टाइम उसकी मर्जी से किस किया लेकिन उसके लिप्स में कोई मूवमेंट नहीं था, इसलिए मुझे मजा नहीं आया; और बस बाकी सारी मूवी में उसका एक हाथ पकडे रखा और बैठा रहा और दूसरे हाथ से उसका बूब्स प्रेस करता रहा.
फिर हम घर पर आ गए और शाम को वह घर वापस चली गई थी; में घर पर दोस्त के घर जाने का बहाना बनाकर गया था और वह उसकी कोई मीटिंग का बहाना बनाकर मेरे साथ आई थी.
फिर रात को मैंने मैसेज किया तुम ठीक से किस क्यों नहीं कर रही थी? तो कहले लगी मुझे शर्म आ रही थी और मैंने पहले कभी नहीं किया था; तो मैंने कहा मैं तो जैसे की इमरान हाशमी हूं? वह हंसने लगी मैंने कहा नेक्स्ट टाइम ठीक से करना उसने ओके कहा और गुड नाइट बोलकर सो गए.
अब वो हर विक मेरे घर पर आने लगी और कभी तो दो तीन दिन मेरे यहां ही रूकती थी; मगर हमको कोई मौका नहीं मिल रहा था, क्योंकि सभी घर पर होते थे; मैं रात में सबके सोने के बाद उसको बुलाता था; और थोड़ा किस हग कर के सो जाता था.
हमारा घर दो रूम का था तो घर में कुछ नहीं हो पा रहा था; फिर अगले दिन में उसको बाइक सीखाने ले गया उसके कहने पर; लेकिन उसको पहले से थोड़ी आती थी थोड़ी थोड़ी वह चला रही थी; पर मैं उसको गाइड कर रहा था; फिर थोड़ा आगे जाकर रोड खाली था तो वह बोलने लगी मुझे डर लगता है.
कहानी तब शुरू होती है जब मैं कॉलेज की छुट्टी मनाने जा रहा था अपने घर जहां बहन मेरे साथ जा रही थी; मैंने कहा था कि मैं अकेले जाना चाहता हूं; लेकिन बहन ने मना कर दिया और कहा कि मैं भी चलूंगी.
मैंने पहले ना कर दिया बाद में बहन के कहने पर हां कर दिया; और मैं दीदी को अपने साथ घर ले गया; दीदी और में एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं; कभी भी एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते हैं; घर पर कोई नहीं था सब शादी में गांव गए हुए थे; मैंने कहा चलो कहीं घूमने चलते हैं तो उसने हां कर दिया और हम घूमने चले गए.
रात में जब हम थक के घर आए तो सीधा सो गए और रात को २ मेरी आंख खुली और मैंने देखा कि मैं दीदी के साथ सोया हूं; मैंने जाने की कोशिश की लेकिन उसने मना कर दिया दीदी ने कहा कि मत जाओ मुझे डर लगता है.
मेने कहा की ठीक है मैंने कहा कि मैं यही सो जाता हूं; मैंने कहा कि मैं पानी पीकर आता हूं, तब तक दीदी पेशाब करने चली गई; मुझे नहीं पता था कि वह बाथरुम में है, मैं सीधा बाथरुम में घुस गया और देखा कि दीदी बैठी थी और पेशाब कर रही थी; मैंने कहा कि अरे तुम; वह चौक गयी और वह तुरंत उठ गई और रूम में चली गई; मैं भी उसके पीछे चला गया और जा कर सो गया.
मैंने दीदी की चूचियों छुआ, मुझे बड़ा मजा आ रहा था लेकिन डर भी लग रहा था; मैंने दीदी को देखा लेकिन कोई रिस्पांस नहीं दिया; फिर मैंने अपना हाथ और बढ़ाया और उसकी चूचियों को दबाया और मुझे बड़ा मजा आ रहा था.
मैंने दीदी को आवाज दी उसका कोई रिस्पांस नहीं था; फिर मैंने उसकी टॉप में हाथ डाल दिया और चूची को दबाने लगा; मैंने दीदी का ब्रा हटा दिया मेंने दीदी की निपल को चूसा और दीदी ने इस बार रिस्पांस दिया; उसने कहा कि मत करो, मुझे कुछ हो रहा है; मेने कहा की मैं तुम्हें चोदना चाहता हूं; तो दीदी ने लाईट जलाने को कहा और कहा कि में तुम्हे नंगा देखना चाहती हु; मैं नंगा हो गया और दीदी को भी नंगा कर दिया.
जब वह नंगी हुई तब मैंने उसको जी भर के देखा और में उसे पेलना चाहता था; मैंने कहा कि साली रंडी जब सर से चुद सकती हे तो मुझसे क्यों नहीं? उसने कहा कि वह सब झूठ हे, मैंने कहा कि मैं तुम्हे चोदना चाहता हूं, उसने मना कर दिया पर मैंने जबरदस्ती उसे चोदा.
क्या बताऊं दोस्तो क्या चूत थी? एक भी बाल नहीं था; मेने कहा की दीदी मुझे तुम्हारी बुर चाटनी हे तो वह मान गई, मैंने तुरंत चुसना स्टार्ट कर दिया और दीदी भी जोश में आ गयी और मैंने फिर दीदी की चूत में अपने लंड डाला और जोर जोर से पेलना शुरु कर दिया और दीदी भी चुदने लगी, मेने दीदी को रात भर चोदा और आज भी चोदता हूं और हमेशा चोदना चाहता हूं.

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